संतुलित जीवन, स्वस्थ शरीर और शांत मन • प्रामाणिक योग एवं स्वास्थ्य पत्रिका
Medical & Fact-Checked
Dhyan Sadhna

ध्यान साधना की सबसे अच्छी मुद्रा कौन-सी है?

ध्यान साधना के दौरान बाईं हथेली के ऊपर दाईं हथेली को रखकर दोनों हाथों को गोद में आराम से रखा जा सकता है। यह ध्यान के लिए एक सरल और सहज स्थिति है।

य
लेखक: योग एवं ध्यान विशेषज्ञ
2026-08-31
3 min read
ध्यान साधना की सबसे अच्छी मुद्रा कौन-सी है?

मुख्य बिंदु (Key Takeaways)

  • साइंटिफिकली वैलिडेड गाइड जो तुरंत दैनिक दिनचर्या में लागू की जा सकती है।
  • मानसिक तनाव कम करने, ऑक्सीजन स्तर सुधारने और नाड़ी शुद्धि में सहायक।
  • नीचे दिए गए विजुअल टाइमर से तुरंत अभ्यास की सही विधि सीखें।

ध्यान साधना की सबसे अच्छी मुद्रा कौन-सी है?

ध्यान साधना के दौरान बाईं हथेली के ऊपर दाईं हथेली को रखकर दोनों हाथों को गोद में आराम से रखा जा सकता है। यह ध्यान के लिए एक सरल और सहज स्थिति है।

ध्यान साधना की सबसे अच्छी मुद्रा

ध्यान साधना के लिए दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में इंटरलॉक यानी एक-दूसरे में फंसाकर गोद में रखना एक सरल और स्थिर मुद्रा है।

इसमें दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में इस तरह फंसाएं कि सभी उंगलियां एक-दूसरे से जुड़ी रहें। इसके बाद दोनों हाथों को आराम से गोद में रखें और दोनों अंगूठों को एक-दूसरे से हल्के से स्पर्श कराएं। उंगलियों को बहुत कसकर न फंसाएं और हाथों को सहज अवस्था में रखें।

ध्यान के दौरान रीढ़ की हड्डी सीधी, कंधे ढीले और शरीर सहज रहना चाहिए। इस प्रकार हाथों को गोद में स्थिर रखते हुए साधक अपना ध्यान भीतर की ओर केंद्रित कर सकता है।

यदि कोई व्यक्ति ज्ञान मुद्रा का अभ्यास करना चाहता है, तो अंगूठे और तर्जनी को हल्के से मिलाकर भी ध्यान किया जा सकता है।

ध्यान साधना में रीढ़ की हड्डी का महत्व

हमेशा कोई भी ध्यान करें तो रीढ़ की हड्डी सीधी जरूर कर लें। रीढ़ की हड्डी सीधी करते ही आपका शरीर एक ऊर्जा से एक हो जाता है। पूरी बॉडी में ऊर्जा एक ऐसी हो जाती है। अभी कहीं ज्यादा लगे, कहीं कम लगेगी; जैसे ही हड्डी सीधी हुई, पूरे शरीर में एक जैसा संचार होने लगता है। विचारों का, सब कुछ एक हो जाता है और एक जैसा हो जाता है।